शिक्षकों ने चलाया बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभियान : बंसी लाल नेगी

शिक्षकों ने चलाया बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभियान
( मुख्याध्यापक बंसी लाल नेगी)
पिछले करीब तीन वर्ष से शिक्षा के अधिकार से वंचित नौरा खंडोल गाँव ग्राम पंचायत चामत भडेच की दो बेटियों को अब जाकर उनका अधिकार प्राप्त हुआ। दोबारा स्कूल में दाखिला लेने पर इन बेटियों का रा० उ० वि० चामत भडेच में मुख्याध्यापक और अध्यापकों एवं स्कूली बच्चों ने फूल देकर बैंड के साथ अभिभावक सहित भव्य स्वागत किया गया। जानकारी के अनुसार चामत भड़ेच पंचायत के नौरा खण्डोल गाँव में गरीब दलित बस्ती में रहने वाली दो बहनें प्रियंका और आँचल माध्यमिक स्कूल धार में वर्ष 2021 में सातवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। वर्ष 2021 में वह केवल चार दिन ही स्कूल जा पाई। उसके पश्चात उनका परिवार किसी अन्य स्थान पर चला गया I अब परिवार वापिस आया तो इन बच्चों की पढ़ाई छूट चुकी थी। इसके बाद माता पिता इन बेटियों को अपनी गरीबी के कारण नहीं भेज पाए ।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत् सभी सरकारी स्कूलों आठवीं तक की शिक्षा 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क दी जाती है और आठवीं तक शिक्षा पाना हर बच्चों का अधिकार है। मुख्याध्यापक बंसी लाल नेगी जी की पहल पर स्कूल के सभी अध्यापक आसपास के क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए घर-घर जा कर प्रेरित कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्याध्यापक और अध्यापक प्रियंका और आँचल के माता- पिता दादा-दादी को भी उन्हें स्कूल भेजने को प्रेरित करने के लिए दो-तीन बार उनके गाँव नौरा खण्डोल गये जो कि स्कूल से पांच किलो मीटर की दूरी पर है। कक्षा आठवीं के पश्चात् +2 तक इन बच्चियों का शिक्षा पर होने वाला खर्च मुख्याध्यापक एवं अन्य अध्यापकों द्वारा वहन करने का निर्णय लिया और उनके अभिभावकों को भी अवगत करवाया गया ताकि ये बच्चियां आगे की शिक्षा जारी रख सके और परिवार पर इसका बोझ न पड़े |

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