जिला स्तरीय बैसाखी मेला राजगढ़ का अंतिम लोगों के लिए रहा खुशियों का दिन
इस बार राजगढ़ में बड़े धूमधाम से मनाया गया बैसाखी मेला मेले के अंतिम दिन के दौरान दंगल कुश्ती भी हुई जिसमें विभिन्न क्षेत्र से आए हुए पहलवानों ने पहलवानी दिखाकर लोगों को उनकी कुश्ती से काफी प्रसन्न हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान लोग नाटी पर झूमते नजर आए

इस बार दिशा सांस्कृतिक कलामंच कुपवी दल की प्रस्तुति सभी दर्शकों को आश्चर्यचकित एवं आकर्षण का केंद्र बनी रही मीडिया से बात रविंद्र कश्यप ने बताया कि एक समय था जब पहाड़ी महफिल को शादी विवाह आदि उत्सव पर लगाईं जाती थी जिसे पहाड़ी मे मुजरा कहते हैं आज डीजे का परिचलन है धीरे-धीरे महफिल लुप्त होती जा रही है इसी कड़ी मे महफिल को लुफ्त होने से बचाने के लिऐ हमारा ग्रुप प्रयास कर रहा है उन्होंने बताया कि अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहाड़ी महफिल की प्रस्तुति होनी चाहिए

