ऑनलाइन गेम खेलने के चक्कर में घर से पैसे चुराते थे बच्चे
सोलन में छात्रों द्वारा डरा धमकाकर जबरन वसूली मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गौरतलब है कि 18. 3.2024 को उर्मिला वर्मा निवासी मटाण्डो डा०खा० देवठी जिला सोलन ने पुलिस थाना सदर सोलन में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि इनका बेटा सोलन के एक स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ता है । इनके बेटे ने इन्हें बतलाया कि पिछले कुछ समय से सोलन शहर के भिन्न-2 स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र इससे व इसके दोस्त जो उसी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ता है, से डरा धमकाकर पैसे मांगते है जो इन्होंने बतलाया कि अभी तक इनके बेटे व इसके दोस्त से 2,45,000/ रूo ले लिये है । जिस पर दिनाँक 18-03-2024 को पुलिस थाना सदर सोलन में अभियोग अधीन धारा 384 भा०द०स० के तहत पंजीकृत किया गया । इस अभियोग के अन्वेषण के दौरान वारदात में संलिप्त नाबालिग छात्रों में से दो नाबालिग छात्रों, जिन्हें शिकायतकर्ता अपने साथ पुलिस चौकी शहर सोलन लाये थे, से उनके परिजनों के समक्ष पुछताछ की गई व पुछताछ के उपरान्त उन्हें उनके परिजनों के सपुर्द किया गया। अन्वेषण के दौरान ज्ञात हुआ है कि पीड़ित छात्रों द्वारा जिन कुछ नाबालिग छात्रों पर इनसे पैसे वसुलने के आरोप लगाये गये हैं, उनमें से 02 छात्र इन्ही पीड़ित छात्रों के साथ पढ़ते हैं जबकि बाकी के छात्र शहर के अलग-2 स्कुलों में पढ़ते हैं तथा सभी एक दुसरे के परिचित व दोस्त हैं । अन्वेषण के दौरान पता चला है कि ये सभी छात्र आपस में मिलकर पैसे इकट्ठे करके स्कुल के साथ की दुकान में खर्च करते थे तथा ऑन लाईन गेम भी खेलते थे । इसके अतिरिक्त स्कुल के साथ ही बने साईबर कैफे से भी यह छात्र आनलाई गेमिंग के लिये रिचार्ज करवाते थे । जो Café के मालिक से इस सम्बध में पुछताछ की गई जो 05 मार्च व 06 मार्च को भी उक्त छात्रो के द्वारा आनलाईन फ्री फायर गेमिग के लिये रिचार्ज करवाये जाने की पुष्टी हुई है । इसके अतिरिक्त एक अन्य आरोपी युवक हाल ही में 18 वर्ष का हुआ है जो आनलाईन गेमिग की ID बेचता था तथा यह छात्र आपस में गेमिग की ID को purchase करते थे जिसके लिये इन छात्रो ने उस युवक को पैसे भी दिये थे । जांच पर यह भी पाया गया है कि ये छात्र स्कुली छात्रों से पैसे इकठ्ठे करने के लिये इन छात्रों को न तो डराते धमकाते थे न ही उन्हें किसी प्रकार की धमकी देकर, चाकू दिखाकर जोर जबरदस्ती करते थे, अपितू ये छात्र स्वेच्छा से गेमिंग आईडी ख़रीदने या रिचार्ज करने आदि के लिए इन आरोपी छात्रों को पैसे दे देते थे क्योकि ये सभी एक दुसरे को काफी समय से जानते थे । दिनाँक 18-03-2024 को जब इन छात्रों को शिकायतकर्ता द्वारा काबु किया गया था तो उस दौरान इनसे कोई भी हथियार / चाकु / रोड/ नक्कल आदि ब्रामद न हुआ था । शिकायतकर्ता ने भी अपनी शिकायत में इनसे किसी प्रकार के हथियार बरामद होने का कोई जिक्र न किया है । अभियोग के अन्वेषण के दौरान यह पाया गया है शिकायकर्ता सरकारी व प्राईवेट पेशा करते है जो शिकायतकर्ता द्वारा इनके बच्चों से छात्रों द्वारा कितने पैसे लिये गये, का ब्यौरा उपलब्ध न करवाया गया है न ही इस संदर्भ में कोई रिकार्ड पेश किया है कि इन्होने घर में इतने पैसे कैसे रखे थे । साथ ही छात्रो के परिजनो के द्वारा इस संदर्भ में कोई भी शिकायत पुलिस प्रशासन या स्कुल में दर्ज न करवाई गई थी । इसके अतिरिक्त अभी तक की जांच से ऐसा कोई भी साक्ष्य सामने न आया है जिससे इन आरोपी छात्रों का किसी गैंग से सम्बन्ध हो या ये नशा तस्करी में संलिप्त रहे हो । पीड़ित छात्रों के स्कुल प्रधानाचार्य व इनके कक्षा अध्यापकों से की गई पुछताछ पर पाया गया है दिसंबर से स्कुल की छुट्टियां थी जो फरवरी से स्कुल ओपन हुए थे जो फरवरी में सैशन ओपन होने के बाद इन छात्रों के पास पहले भी कई बार कक्षा में पैसे मिले थे, जिसकी सूचना स्कुल प्रबन्धन द्वारा इनके परिजनों को दी गई थी परन्तु परिजनों ने इस सन्दर्भ में स्कुल प्रशासन से कोई सम्पर्क न किया । इसके अतिरिक्त जांच पर यह भी पाया गया है कि स्कुल परिसर में इस प्रकार की वारदात न हो, इसके लिये स्कुल प्रबन्धन द्वारा प्रतिदिन अध्यापकों की डियूटी लगाई जाती है तथा इससे पुर्व कभी भी इस प्रकार की वारदात किसी भी छात्र व अभिभावक द्वारा स्कुल प्रशासन के संज्ञान में न लाई गई ।
वारदात में संलिप्त आरोपी छात्रो को पीड़ित बच्चों के माता पिता ने बिना पुलिस को बताये और बिना पुलिस की मदद के ख़ुद ही ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से डीटेन करके सार्वजनिक स्थान पर मारपीट की और इनको गंदी गंदी गालियाँ भी दी और ऐसा करते हुये एक विडियो वायरल किया गया। जो इस प्रकार के अंसवेदनशील और गैर कानुनी कृत्य पर दोनों आरोपी छात्रों का चिकित्सा परीक्षण करवाया गया। और इनके साथ मारपीट करके विडियो वायरल करने वाले आरोपि पेरेंट्स के विरूद्ध पुलिस थाना सदर सोलन में अधीन धारा 323,342,34 भा०द०स० व धारा 75 जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला पजीकृत किया गया है, जिसका अन्वेषण जारी है।


