शिक्षा सुधारों से बौखलाया विपक्ष, नीट (NEET) मामले की आड़ में मोदी सरकार पर साध रहा निशाना

विपक्ष की बौखलाहट का असली कारण परीक्षा नहीं, भारतीय शिक्षा प्रणाली से औपनिवेशिक मानसिकता का सफ़ाया होना: अरुष गुप्ता

सोलन, 21 जुलाई 2026:
भारतीय जनता पार्टी (आईटी विभाग) हिमाचल प्रदेश के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अरुष गुप्ता ने एक प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि वर्तमान में विपक्ष द्वारा नीट (NEET) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध जो दुष्प्रचार फ़ैलाया जा रहा है, वह किसी छात्र हित के लिए नहीं, अपितु उनकी राजनीतिक छटपटाहट का नतीजा है।

अरुष गुप्ता ने कहा कि एनटीए (NTA) के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी जैसे प्रशासनिक प्रमुखों पर बात करने के बजाय विपक्ष सीधे शिक्षा मंत्री पर हमलावर है। उन्होंने पूछा कि आखिर विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान से इतना क्यों भयभीत और भड़का हुआ है? इसका उत्तर बहुत स्पष्ट है।

मोदी सरकार में हुए क्रांतिकारी शिक्षा सुधार, जिन्होंने विपक्ष की नींद उड़ाई:

  • मुगलों का महिमामंडन समाप्त: दशकों तक भारत के वास्तविक इतिहास को दबाकर मुगलों के अति-महिमामंडन का जो झूठा एजेंडा पढ़ाया जा रहा था, उसे एनसीईआरटी (NCERT) के सिलेबस से हटाकर सही संदर्भ में स्थापित किया गया है।
  • भारतीय वीरों और क्षेत्रीय राजवंशों को सम्मान: मराठा, चोल, मौर्य जैसे महान भारतीय राजवंशों और हमारे शौर्यशाली राजाओं व स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को प्राथमिकता दी गई है।
  • आपातकाल के काले पन्नों का सच: देश के युवाओं को कांग्रेस शासनकाल के ‘आपातकाल’ (1975) का वास्तविक इतिहास पढ़ाया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी जान सके कि लोकतंत्र का गला किसने घोंटा था।
  • आधुनिक सैन्य ऑपरेशन: पाठ्यक्रम में आधुनिक सैन्य अभियानों (जैसे सर्जिकल स्ट्राइक) और भारत की आधुनिक रक्षा प्रणाली को सम्मिलित कर युवाओं में राष्ट्रप्रेम का संचार किया गया है।
  • मातृभाषा में शिक्षा (NEP 2020): राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा को क्षेत्रीय भाषाओं और मातृभाषा में बढ़ावा देकर मेकॉले की शिक्षा नीति का पूर्ण रूप से अंत किया गया है।
  • विदेशी फ़ंडिंग और FCRA नियमों पर कड़ाई: सरकार द्वारा FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) के अंतर्गत नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। दरअसल, सरकार ने राष्ट्रविरोधी व संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त कुछ विदेशी संस्थाओं से होने वाली फ़ंडिंग पर रोक लगाई है। सोनम वांगचुक की NGO भी उन्हीं में से एक है, जिस पर विदेश से होने वाली फ़ंडिंग पर रोक लगाई गई है। विपक्ष इस प्रकार के एजेंडों का समर्थन करके सच को छुपाने की कोशिश कर रहा है।

अरुष गुप्ता ने कहा कि विपक्ष जहाँ केवल राजनीति चमकाने में लगा है, वहीं केंद्र की मोदी सरकार किसी भी धांधली को बर्दाश्त न करने की नीति पर काम कर रही है:

  • सीबीआई जांच व कठोर कार्रवाई: नीट (NEET UG) मामले में मोदी सरकार ने निष्पक्ष जांच के लिए मामला तुरंत सीबीआई (CBI) को सौंपा, जिसके अनुसार अब तक दर्जनों आरोपियों और मास्टरमाइंडों की गिरफ़्तारियाँ हो चुकी हैं।
  • सख़्त कानून निर्माण: पेपर लीक जैसी कुरीतियों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ (Public Examinations Act, 2024) लागू किया है, जिसमें 10 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

अरुष गुप्ता ने अंत में कहा, “विपक्ष का एजेंडा कभी भी छात्रों का भविष्य नहीं रहा। विपक्ष इसलिए तड़प रहा है क्योंकि मोदी सरकार ने भारत की शिक्षा प्रणाली से उनकी दशकों पुरानी तुष्टिकरण की राजनीति और झूठे नैरेटिव को उखाड़ फेंका है। देश की जनता और युवा अब इनके बहकावे में आने वाले नहीं हैं। देशवासी सच को जानें और देश के साथ खड़े रहें!”

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