विश्वविद्यालयों में भर्तियों की जांच, कांग्रेस विधायकों के सवालों पर शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वासन
बजट सत्र के दौरान धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर और शिमला से कांग्रेस विधायक हरीश जनार्था ने शिमला और मंडी विश्वविद्यालयों की भर्तियों में धांधली के आरोप लगाए। प्रश्नकाल के बाद यह मामला प्वाइंट ऑफ़ ऑर्डर के तहत उठा और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सदन में सबसे पहले धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सोमवार को उनकी गैरमौजूदगी में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी यूनिवर्सिटी को लेकर उनका नाम लेकर कुछ बातें कही हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि जयराम ठाकुर ने यह झूठा आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार मंडी के सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करना चाहती है। यह सिर्फ राजनीति के लिए किया जा रहा है।
इसी प्वॉइंट ऑफ आर्डर के तहत शिमला से विधायक हरीश जनार्था, जो अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ईसी के मेंबर भी हैं, ने भी आपत्ति जताई कि नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश विश्वविद्यालय की ईसी बैठक का एजेंडा कैसे बता दिया? यह बैठक छह तारीख को है और इसका एजेंडा अभी बना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के दौरान प्रदेश विश्वविद्यालय में हाल यह था कि ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में दूसरे वर्गों के असिस्टेंट प्रोफेसर भर दिए गए। इतना ही नहीं, कुछ असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू जूनियर ऑफिसर ही ले गए। इसके बाद शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया ने भी भर्ती की धांधलियों की जांच करवाने की मांग रखी।
मंडी यूनिवर्सिटी बंद करने की मंशा नहीं
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया की सभी सदस्यों ने जो तथ्य रखे हैं, उनके अनुसार पूरे मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी

