भारतीय सेना के जबलपुर ट्रेनिंग सेंटर में 5 माह पूर्व भर्ती हुए अग्निवीर सैनिक पंकज चौहान की ट्रेनिंग के दौरान बुधवार देर शाम मौत हो गई
सराहां
पच्छाद क्षेत्र में दो दिनों के भीतर दो दुखद समाचार सामने आए है। यह दोनों दुखद समाचार भारतीय सेना में जवानों के मृत्यु को लेकर हुई है।बुधवार को जहां परिवार के इकलौते बेटे सचिन शर्मा की मृत्यु के बाद वह पंचतत्व में विलीन हो गए वहीं बुधवार की सांय को पच्छाद क्षेत्र के ही बागथन पंचायत के पावरी बघार के जवान की सिर में दर्द होने के बाद मृत्यु हो गई है। जिसस जिससे पूरे क्षेत्र में दुख की लहर दौड़ गई है। पंकज चौहान हाल ही में 28 फरवरी 2023 को अग्निवीर के तहत भारतीय सेना में पद संभाला था। परंतु तीन माह के भीतर ही पंकज चौहान का जबलपुर में बुधवार को मृत्यु हुई है। पंकज चौहान अपने पीछे माता पिता एक भाई को छोड़कर चले गए। पंकज चौहान के ताया देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि रविवार को पंकज चौहान का फोन आया था जिस पर उन्होंने उनसे व अपने माता-पिता व परिवार के अन्य लोगों से भी करीब 3 मिनिट तक बात की।उन्होंने बताया कि पंकज चौहान ने बताया था कि उनके सिर में पिछले दो दिनों से काफी दर्द हुई है ।सेना द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है।आप लोग घबराएं नहीं। उसके बाद पंकज चौहान का फोन नहीं आया। पंकज चौहान के पिता सतपाल सिंह ने बताया कि सोमवार को सांय व मंगलवार की सुबह जबलपुर सेना कार्यालय से फिर फोन आया कि पंकज चौहान के सिर में दर्द है और उन्हें उनका उपचार किया जा रहा है ।मंगलवार की सांय दोबारा फोन आया फिर उन्होंने कहा कि पंकज चौहान को आईसीयू में रखा गया है और घबराने की कोई बात नहीं है। ठीक हो जाएंगे जिसके बाद बुधवार को करीब 3 बजे जबलपुर से फोन आया कि पंकज चौहान नहीं रहे। पंकज चौहान का चयन अग्निवीर सेना के लिए 19 वर्ष में हो गया था।पंकज चौहान के छोटे भाई विनीत चौहान ने भी अग्नि वीर की लिखित परीक्षा पास की है।पंकज चौहान के पिता सतपाल सिंह ने बताया कि उनके दोनों बेटों को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का जज्बा पहले से ही था। उन्होंने कहा कि पंकज चौहान की अचानक मृत्यु के बाद पूरा परिवार व क्षेत्र सदमे में है। एसडीएम पच्छाद डॉ संजीव कुमार धीमान ने कहा कि उनके कार्यालय में पंकज चौहान की मृत्यु की सूचना आई है।


