मैहतपुर स्थित ब्रह्माकुमारीज केद्रं में रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में समारोह का आयोजन
जिसमें ऊना जिला ब्रह्माकुमारीज़ प्रमुख बी के आशा दीदी , मैहतपुर केंद्र से बी के बबीता बहन, बगांणा केंद्र सें बी के रितू बहन सवारी टकोली केद्रं से बी के हरजीत बहन व बी के डा.किरण बहन व भाई बी के अवदेश सहित बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने भाग लिया।बी के आशा बहन इस अवसर पर रक्षाबंधन पर्व के ईश्वरीय संदर्भ पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रावन मास परमात्मा शिव का मास माना जाता है। उसमें पूर्णिमा के दिन ही इस त्यौहार को मनाने की परम्परा हैं। इसका अर्थ यही है कि स्वयं परमात्मा ने इसका प्रारंभ किया। इस पर्व के पीछे यही संदेश है कि भाई बहिन की समान पवित्रता सर्व प्राणीयों के प्रति भी धारण करनी है। इसी से ही मनुष्य सर्व गुण संम्पन, निर्विकार, व सतोप्रधान बन सकता है इसका महत्व खोने के कारण ही आज भाई बहिन के पर अंगुली उठने लगी है।

बी के बहन डॉ किरण ने ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय माऊंट आबू से प्रसारित शिब बाबा की ज्ञान गंगा का संदेश दिया। जिसमें रक्षाबंधन पर्व की मूल भावना व ईश्वरीय ज्ञान के संदर्भ में इसकी विस्तार से व्याख्या की। जिससे ईश्वरीय वरदान से अपने आपको चिंता मुक्त, सुख व आन्नदमय जीवन के अनुभवों को ग्रहण करने के साथ व्यर्थ की सोच छोड़ कर परमपिता परमात्मा कों अर्पण करने की सहज राज योग की विधि भी बताई।इस अवसर पर उपस्थित सभी भाई बहनों को माऊंट आबू ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय से भेजी गई राखी बंधन कों जिला ब्रह्माकुमारीज़ प्रमुख बी के आशा दीदी ने अपने कर कमलों से बांध कर ईश्वरीय सौगात दी। मैहतपुर केंद्र की प्रभारी बी के बबीता ने इस आयोजन मे आने वाले भाई बहनों के प्रति आभार प्रकट किया और इस ईश्वरीय कार्य में सहयोग करने के लिए धन्यवाद किय। इस अवसर सभी भाई बहनों को ब्रम्हा भोज भी करवाया गया।


