सुक्खू सरकार सनातन विरोधी, मन्दिरों को कर रही है टारगेट : जयराम ठाकुर
सुक्खू सरकार सनातन विरोधी, मन्दिरों को कर रही है टारगेट : जयराम ठाकुर
योजनाओं का पैसा प्रचार में खर्च किया, लाभार्थियों के लिए कुछ नहीं रखा
भारतीय जनता पार्टी सुक्खू सरकार से नहीं छीनने देगी मंदिरों की जमापूंजी
प्रदेश के लोगों को भी सरकार के इस निर्णय का विरोध करना चाहिए
मण्डी : पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुंदरनगर में मीडिया के प्रतिनिधियों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी सुक्खू सरकार द्वारा मंदिरों की जमा पूंजी नहीं छीनने देगी। सरकार द्वारा जिस तरीके से पत्र जारी करके मंदिरों से सरकार को पैसा देने की बात कही गई है और प्रशासन द्वारा जिस तरीके से मंदिर समिति पर दबाव बनाया जा रहा है वह पूर्णतया शर्मनाक और सनातन विरोधी है। सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने सनातन विरोधी इरादे जाहिर कर दिए थे और देश भर में घूम-घूम कर कहा था कि हम 97% हिंदुत्व वाली विचारधारा को हराकर आए हैं। उनके हर काम में उनका वही हिंदुत्व और सनातन विरोधी रवैया नजर आ रहा है। प्रदेश में आज तक ऐसा नहीं हुआ कि सरकार द्वारा इस तरीके से मंदिरों की जमा पूंजी पर नजर लगाई गई हो। आपदा और आपात की परिस्थितियों के लिए प्रदेश के मंदिर हमेशा मदद करते आए हैं। लेकिन सरकार की द्वारा घोषित की गई बजट स्कीम्स के लिए मंदिरों पर दबाव बनाकर वसूली करना कभी नहीं हुआ।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार दो साल से इन स्कीमों के बारे में बात कर रही है। मुख्यमंत्री से अपने फ्लैगशिप स्कीम के तहत प्रचारित कर रहे हैं। प्रदेश भर के सड़क, चौराहे, पहाड़, नदी के किनारे सरकार की इन स्कीम के विज्ञापनों से भर गए हैं। सरकार द्वारा इनके विज्ञापन पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन इन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए सरकार ने अपनी तरफ से कुछ नहीं किया। पिछले महीनें में ही सुखाश्रय के तहत पढ़ रहे छात्रों की फीस न जमा करने का मामला भी सामने आया था। सरकार द्वारा बजट का प्रावधान किए जाने के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम से चल रही इन दोनों स्कीमों के साथ क्या हुआ जो मंदिरों से जबरन पैसा वसूलने की नौबत आ गई। इसका मतलब साफ है कि सरकार द्वारा विधान सभा में बजट के दौरान किया गया वादा भी बाकी वादों की तरह झूठा था। सरकार प्रदेश के आम लोगों के साथ ही नहीं निराश्रित बच्चों के साथ भी छल कर रही है। सरकार के 2 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने सुख शिक्षा योजना की शुरुआत की थी जिस पर अब तक मात्र 1.38 करोड रुपए ही खर्च किए गए हैं। यही हाल सुखाश्रय योजना का भी है। इसका मतलब साफ है जिन योजनाओं के पोस्टर, बैनर और विज्ञापन से प्रदेश को पाट दिया गया वास्तव में उन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए सरकार द्वारा नाम मात्र की धनराशि ही रखी गई।
प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार एक तरफ सनातन का विरोध करती है, हिंदू विरोधी बयान देती रहती और दूसरी तरफ मंदिरों से पैसा लेकर सरकार की फ्लैगशिप योजना चलाना चाह रही है। सरकार द्वारा मंदिरों का पैसा मांगा जा रहा है, अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि जल्दी से जल्दी पैसा सरकार को भेजा जाए। भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस फैसले का सड़क से सदन तक डटकर विरोध करेगी। इस फैसले का मंदिर और ट्रस्ट के लोगों के साथ आम को भी सरकार के इस फैसले का विरोध करना चाहिए। मुख्यमंत्री अब इस बात को समझ ले कि उनके झूठ और ठगी की दुकान प्रदेश में नहीं चलने वाली है इसलिए झूठ बोलने से परहेज करें और जनहित के मुद्दों पर काम करें।


