डीडब्ल्यूपीएस कंडाघाट में मेरा परिचय सबसे बढ़िया प्रतियोगिता में चिन्मय प्रथम

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल कंडाघाट में छोटे बच्चों ने येलो डे पर आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया। इस अवसर पर अपना परिचय अच्छे ढंग से प्रस्तुत करने के लिए भी एक गतिविधि की गई। कार्यक्रम में स्कूल प्रधानाचार्या रूपाली साहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मेरा परिचय सबसे अच्छा प्रतियोगिता में केजी कक्षा के चिन्मय ने प्रथम, राहिनी ने दूसरा और नित्या ने तीसरा स्थान अर्जित किया। वहीं नर्सरी कक्षा में हुई इसी प्रतियोगिता में अयान ने पहला, सृष्टि ने दूसरा और युवान कश्यप ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एक अन्य गतिविधि में छोटे बच्चों ने सुंदर हनी बी के चित्र भी प्रदर्शित किए। सभी छोटे बच्चे पीले कपड़े, पीली छतरी, पीला रूमाल और पीले रंग की सुन्दर वस्तुओं के साथ स्कूल आये थे।

अपने उद्बोधन में स्कूल प्रधानाचार्या रूपाली साहा ने कहा कि पीला रंग आशावादिता और सकारात्मकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हर मनुष्य पर रंगों का गहरा प्रभाव पड़ता है। रंग मनुष्य के मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है। इसलिए पीले रंग को प्रसन्नता बढ़ाने वाला रंग भी माना जाता है। उन्होंने नन्हे-मुन्हे बच्चों द्वारा येलो डे पर हनी-बी और मेरा परिचय की गतिविधियों को देखकर नौनिहालों की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बच्चों में रचनात्मक कौशल के विकास में प्राथमिक आयु बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि यदि बच्चे इस आयु से ही इस प्रकार की गतिविधियों में भागीदारी करते हैं तो इससे उनका मानसिक और बौद्धिक विकास भी अच्छा रहता है। जिससे वे हर प्रकार की स्पर्धाओं में अग्रणी रहते हैं। इस अवसर स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डी0आर0 गुप्ता, समिति सदस्य, प्रमोद कुमार, और मुकेश राणा ने विद्यार्थियों येलो डे पर अपनी शुभकामनायें दीं।

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