आयुष विभाग कंडाघाट द्वारा आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उपमंडल स्तरीय आयोजन राजकीय महाविद्यालय कंडाघाट के प्रांगण में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न किया गया।
आयुष विभाग कंडाघाट द्वारा आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उपमंडल स्तरीय आयोजन राजकीय महाविद्यालय कंडाघाट के प्रांगण में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) निर्धारित की गई थी।कार्यक्रम में तहसीलदार कंडाघाट श्री अनिल राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी कंडाघाट डॉ. संदीपा भारद्वाज ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके उपरांत दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान धन्वंतरि के पूजन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।योग सत्र का संचालन आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा तथा योगाचार्य जितेंद्र कुमार एवं मीना द्वारा किया गया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों तथा स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं विभिन्न रोगों की रोकथाम के लिए उपयोगी योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। इससे पूर्व डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा ने योग के महत्व, स्वस्थ वृद्धावस्था में इसकी भूमिका तथा नियमित योगाभ्यास से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों सहित कुल 223 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग सत्र का लाभ प्राप्त किया।भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित “नशामुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत 17 जून 2026 से 26 जून 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निरोधी दिवस के उपलक्ष्य में “नशामुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” विषय पर विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमूह को नशीले पदार्थों से दूर रहने, परिवार एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, स्वस्थ जीवनशैली एवं योग को अपनाने तथा “नशामुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री अनिल राणा, तहसीलदार कंडाघाट ने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का संदेश दिया। उन्होंने आयुष विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी कंडाघाट डॉ. संदीपा भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि जनमानस में स्वास्थ्य संरक्षण, योग तथा औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना भी है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के तहत मुख्य अतिथि श्री अनिल राणा को स्मृति-चिह्न स्वरूप एक औषधीय पौधे का गमला भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में आयुष विभाग के विभिन्न आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर, आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी, चतुर्थश्रेणी कर्मचारी तथा विभिन्न संस्थानों में कार्यरत योग गाइड्स भी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया।इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों को फल एवं फलों का रस वितरित किया गया, जबकि अन्य गणमान्य व्यक्तियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उपस्थित जनसमुदाय को सत्तू प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त नशामुक्त भारत अभियान से संबंधित आईईसी सामग्री तथा आयुष ग्राम कैलेंडर भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयुष विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उल्लेखनीय एवं सराहनीय योगदान रहा।

