रामपुर के मंदिर में निकाह,विश्व हिंदू परिषद ने निभाई सभी रस्में

रामपुर के इतिहास में पहली बार मुस्लिम-हिंदू समुदाय ने धार्मिक सद्भावना की एक अनूठी और पहली मिशाल कायम की है। रामपुर के एक मुस्लिम परिवार ने उस मंदिर परिसर में अपनी बेटी का निकाह करवाया, जिस परिसर का संचालन विश्व हिंदू परिषद करता है। इस निकाह को करवाने में हिंदू संगठनों व मंदिर ट्रस्ट का सक्रिय सहयोग रहा। मंदिर परिसर में निकाह की रस्म को मौलवी की मौजूदगी में मुस्लिम रीति-रिवाज से निभाया गया, जबकि बाकी अन्य समारोह हिंदू परंपरा के अनुसार हुआ। इस निकाह को मंदिर परिसर में करवाकर हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश लोगों को दिया गया। निकाह करने वालों में लडक़ी एमटेक गोल्ड मेडलिस्ट और लडक़ा सिविल इंजीनियर है। सत्यनारायण मंदिर परिसर विश्व हिंदू परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जिला कार्यालय है। मंदिर में बारात स्वागत से लेकर गाज बाज और खानपान हिंदू परंपरा के अनुसार हुआ, लेकिन निकाह की रस्म मौलवी ने एक वकील दो गवाहों की मौजूदगी में मुस्लिम परंपरा के अनुसार विधि विधान से करवाई।
इस दौरान निकाह की रस्म का साक्षी बनने विभिन्न धर्मों और समुदाय के लोग उपस्थित थे। सभी लोगों ने बड़े उत्साह के साथ इस विवाह समारोह को संपन्न कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्यनारायण मंदिर ट्रस्ट के संचालकों एवं मुस्लिम कन्या के परिजनों ने बताया कि उनका एक अनूठा प्रयास था कि धार्मिक सद्भावना एवं सनातन परंपरा से सामाजिक सामजस्य बनाते हुए आगे बढऩे की पहल हो। ठाकुर सत्यनारायण मंदिर ट्रस्ट रामपुर के महासचिव विनय शर्मा ने कहा कि यह मंदिर विश्व हिंदू परिषद द्वारा संचालित है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जिला कार्यालय भी इसी में है। उन्होंने कहा कि अकसर विश्व हिंदू परिषद व आरएसएस पर मुस्लिम विरोधी होने के आरोप लगते है, लेकिन यहां पर एक मुस्लिम कन्या का निकाह मंदिर परिसर में हुआ है। यह एक अपने आप में उदाहरण है कि सनातन धर्म हमेशा सबको लेकर आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। यह विवाह मंदिर परिसर में पूरी शुद्धता से मुस्लिम परिवार ने हिंदू मंदिरों की व्यवस्था को समझते हुए किया और उसमें निकाह रस्म अपने मुस्लिम परंपरा के अनुसार किया, लेकिन जो दूसरे कार्य चाहे व खानपान से जुड़ा हो या स्वागत उन्होंने मंदिर की शुद्धता को ध्यान में रखते हुए हिंदू परंपरा के हिसाब से किया। यह निकाह अपने आप में एक सद्भावना का बहुत बड़ा उदाहरण रामपुर से पेश हुआ है। यह सब के लिए एक मिसाल भी है।

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