रामपुर बुशहर में प्राचीन एवं ऐतिहासिक फाग मेले की धूम

रामपुर बुशहर में प्राचीन एवं ऐतिहासिक फाग मेले के शनिवार को तीसरे दिन वाद्य यंत्रों की थाप पर देवी-देवता और देवल खूब नाचे। तीसरे दिन सुबह करीब 11 बजे बाजार से होते हुए देवी-देवता और देवलुओं वाद्य यंत्रों की थाप पर खूब नाचते हुए नजर आए। मेला ग्राउंड में दिन भर नाटियों का दौर चला। आज फाग मेले में पहली बार इस क्षेत्र की महिला मंडलो की महानाटी में मेले में आए लोगों का खूब मनोरंजन किया जिसकी काफी सराहना की जा रही है।
इस क्षेत्र की दर्जनों महिला मंडलो ने शनिवार सुबह रामपुर के मुख्य बाजार से मेला ग्राउंड तक नाचते गाते भव्य प्रदर्शन किया। इन महिला मंडलों ने आपने अपने ग्रुप में बुशहर की पारंपरिक पोषाक, पशू इत्यादि के साथ प्रदर्शनी निकाली। इसके अतिरिक्त इस दौरान लोगों को बेटी बचाओ और नशा छोड़ो के बारे नारे लगा कर भी संदेश दिया। बता दें कि फाग मेला एक ऐतिहासिक व पारंपरिक मेला है, जो हर साल रामपुर बुशहर में मनाया जाता है। फाग मेला हिमाचल की सांस्कृतिक परंपरा एवं देव आस्था को दर्शाता है। वहीं, यह मेला आपसी मेलजोल और मनोरंजन का भी एक साधन है। मेले में वाद्य यंत्रों की धुन में देव मिलन और नृत्य आकर्षण का केंद्र रहता है। पुराने समय में आसपास के इलाकों के लिए यही एक प्रमुख मेला था। जहां लोग मनोरंजन के साथ सगे संबंधियों से मिलते थे। दरअसल ऊपरी हिमाचल में बर्फबारी होने के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते थे।


