हिमाचल के प्रसिद्ध संगीतकार तांत्तरा बाॅय के नाम से मशहूर ज्ञान नेगी द्वारा संगीत से परिपूर्ण ,व श्री कुलवंत नेगी जी और श्री रिंज लाल नेगी द्वारा की गई प्रस्तुती चर्चा में
हिमाचल के प्रसिद्ध संगीतकार तांत्तरा बाॅय के नाम से मशहूर ज्ञान नेगी जी द्वारा संगीत से परिपूर्ण ,व श्री कुलवंत नेगी जी और श्री रिंज लाल नेगी द्वारा की गई प्रस्तुती इन दिनों काफी चर्चे में है। जिसे किन्नौर की लोकप्रिय गायिका अमिता नेगी ने अपने मधुर स्वरो से सजाया है।

एल्बम ( श्री ग्रांगे नाग श्रीखंण्डो जी की आरती) 🙏 इन दिनों काफी पसंद की जा रही है, हालांकि इस लोकगीत को और भी कई स्थानीय कलाकारों ने अपने-अपने अंदाज में पहले भी कई बार प्रस्तुत किया है, परंतु अमिता जी ने इस पारंपरिक लोकगीत में चार- चांद लगा दिए हैं, इसमें निचार भूमि के श्रेष्ठतम देवता श्री ग्रांगे नाग जी की दिव्य एवं अलौकिक उत्पत्ति का पूर्ण श्रद्धा पूर्वक व प्रेम व भाव से वर्णन किया गया है, इसमें बताया गया है कि किस प्रकार एक असाधारण सर्प को 7 भागों में खण्डित किए जाने पर 7 नाग देव ( भाईयों) की उत्पत्ति हुई, और खंण्डित होकर इनकी उत्पत्ति हुई इस कारण भगवान श्री ग्रांगे नाग जी को श्रीखंण्डो ग्रांगे नाग कहा जाता है, ग्रांगे नाग श्रीखंण्डो जी अपने देव भाईयों में से सबसे छोटे परंतु सबसे ज्यादा प्रतापी, महाशक्तिशाली, मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले व अपने भक्तों को सदा सुखी रखने वाले देवता है। इस लोकगीत के बोल प्राचीन है , और ये बोल दादी श्रीमती अमरजीन लेगवान जी से प्राप्त किए गए हैं, ।


