हरियाणा साहित्य व संस्कृति अकादमी के वाइस चेअरमैन बने प्रो० कुलदीप अग्निहोत्री

हरियाणा सरकार ने अपनी सभी सात अकादमियों मसलन हरियाणा हिन्दी ग्रन्थ अकादमी , हिन्दी साहित्य अकादमी , पंजाबी साहित्य अकादमी, संस्कृत अकादमी, उर्दू अकादमी , इतिहास व संस्कृति अकादमी का विलय कर, हरियाणा साहित्य व संस्कृति अकादमी के नाम से नई अकादमी का गठन किया है । इस नई अकादमी के पहले एक्ज़िक्यूटिव वाइस चेअरमैन के तौर पर हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री की नियुक्ति की है । अकादमी के चेअरमैन प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे । प्रो० अग्निहोत्री हिन्दी व पंजाबी साहित्य के जाने माने साहित्यकार हैं । अभी हाल ही में भारत सरकार ने उन्हें फ़ीजी में हुए विश्व हिन्दी सम्मेलन में विश्व हिन्दी सम्मान भी प्रदान किया था । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें साहित्य भूषण सम्मान द्वारा सम्मानित किया गया था । पिछले दिनों मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उनके गुरु नानक देव जी पर लिखे ग्रन्थ को पुरस्कृत भी किया गया था । भारत सरकार के न्यास , इन्दिरा गान्धी राष्ट्रीय कला केन्द्र के वे सरकार द्वारा मनोनीत सदस्य भी हैं । कुछ समय वे केन्द्रीय संस्कृति मंत्री के सलाहकार भी रहे । अग्निहोत्री अनेक देशों की यात्रा कर चुके हैं । उनकी बीस से भी ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं । जम्मू कश्मीर के इतिहास और राजनीति पर लिखी उनकी पुस्तकें खासी चर्चित रही हैं । प्रो० अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में आम्बेडकर पीठ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं । पंजाब विश्वविद्यालय से उन्होंने आदि ग्रन्थ आचार्य की उपाधि भी अर्जित की है । अरबी फारसी लिपि में लिखित हिन्दी साहित्य को वे भारतीय साहित्य की मूल धारा में शामिल करने के लिए निरन्तर प्रयत्नशील हैं । उनका मानना है कि यह साहित्य बहुत मूल्यवान है इसलिए इसका देवनागरी लिपि में लिप्यन्तरण किया जाना समय की माँग हैं । अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपति चयन समितियों के अध्यक्ष रह चुके प्रो० अग्निहोत्री लम्बे समय तक जनसत्ता अख़बार से भी जुड़े रहे । भारतीय भाषाओं की एक मात्र न्यूज़ एजेंसी , हिन्दुस्थान समाचार के निदेशक मंडल के सदस्य भी रहे । नया पदभार संभालने पर अग्निहोत्री ने कहा कि वे सप्त सिन्धु क्षेत्र के साहित्य व संस्कृति में शोध कार्य को गति देने का प्रयास करेंगे । अग्निहोत्री ने कहा सप्त सिन्धु की प्रमुख नदी सरस्वती का मुख्य क्षेत्र आज का हरियाणा ही था ।

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