उम्मीद की मशाल: 90 वर्षीय जुध्या जरूरतमंदों को मुफ्त खिला रहीं खाना कर रही है पुण्य का काम

*उम्मीद की मशाल: 90 वर्षीय जुध्या जरूरतमंदों को मुफ्त खिला रहीं खाना कर रही है पुण्य का काम* भूखे को खाना खिलाना सबसे बड़ा धर्म है लेना भी क्या है इस झूठे संसार से अच्छा किया तो अच्छा मिलेगा बुरा किया तो बुरा मिलेगा ये दादी मां इतनी बड़ी उम्र में भी पुण्य का काम कर रही है ग्रीष्मोत्सव में जरुरतमंदों के लिए खाना बनातीं 90 वर्षीय जुध्या देवी। – आज के युग में जहां अपने ही अपनों से मुंह मोड़ लेते हैं। बिना मतलब कोई किसी का साथ देने को तैयार नहीं होता है। इन सबसे अलग आज भी कुछ लोग सेवा की भावना से अपना पैसा खर्च कर जरूरतमंद लोगों का पेट भर रहे हैं। ऐसा ही कुछ घुमारवीं में ग्रीष्मोत्सव मेले में 90 वर्षीय बुजुर्ग जुध्या देवी कर रहीं हैं। ग्रीष्मोत्सव में जुध्या देवी खुद खाना बनाकर जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में भोजन करवा रही हैं। इस बुजुर्ग महिला के जज्बे को देखकर हर आने जाने वाला दंग है। जुध्या देवी घुमारवीं की ग्राम पंचायत मोरसिंघी के डिहर गांव की रहने वाली हैं। जुध्या देवी के पति बार्बर थे, जिनका निधन हो चुका है। जुध्या देवी कहती हैं दो बच्चे हुए, लेकिन वह जन्म के दौरान ही गुजर गए। पति ने निधन के बाद अकेले जिंदगी बसर करने लगी तो देखा कि आज सभी अपने तक सीमित हो रहे हैं। समाज में कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें खाना भी नसीब नहीं होता। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाने का निर्णय लिया। जुध्या देवी ने बताया कि वह मोरसिंघी में होने वाले और प्यासे को पानी पिलाना बहुत बड़ा पुण्य है।

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