जीवन मूल्यों की पाठशाला व परिवार का आधार है स्त्री : डॉ.मुक्ता ठाकुर
सतलुज सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में आज सोलन जिला के नौणी विश्वविद्यालय सभागार में विशाल “नारी शक्ति संगम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “महिला कल, आज और कल विषय के अन्तर्गत “भारतीय चिंतन में महिला एवं “देश के विकास में महिलाओं की भूमिका पर चिंतन किया गया। नारी शक्ति संगम में सोलन जिला की सभी आठ इकाइयों से 2155 महिलाएं उपस्थित रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध समाजसेवी एवम् राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित संजना गोयल ने की। उद्घाटन सत्र में अधिवक्ता रीटा गोस्वामी ने कहा कि किसी भी देश व समाज की उन्नति ,उस देश व समाज में महिलाओं की स्थिति से लक्षित होती हैं । उन्होंने कहा कि विवेकानंद जी कहा करते थे कि अगर महिलाओं की समस्याओं का समाधान करना है, तो महिलाओं को शिक्षित करना होगा, समस्याओं का समाधान वह स्वत ही ढूंढ लेगी । समापन सत्र में अपने विचार रखते हुए डॉ० मुक्ता ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को लक्ष्मीबाई जैसा नेतृत्व, रानी दुर्गावती जैसा चरित्र एवं जीजाबाई जैसा मातृत्व रखने की आवश्यकता है। भारतीय नारी मां सरस्वती बनकर बालक को संस्कारित, मां लक्ष्मी बनकर संरक्षण व पालन करती हैं। उन्होंने कहा कि स्त्री मानव जीवन मूल्यों की पाठशाला है और परिवार का आधार ही स्त्री है।कार्यकम के अंत में जिला संयोजिका अधिवक्ता कुमुद ठाकुर, सह संयोजिका गीता जायसवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त नारी शक्ति का आभार प्रकट किया।

