हिमाचल की बेटियों के साथ भेदभाव क्यों? कांग्रेस सरकार उत्तर दे! — अरुष गुप्ता

सोलन, 27 नवम्बर 2025। हिमाचल प्रदेश की पाँच होनहार बेटियों ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी वर्ल्ड कप जीतकर पूरे देश और प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। उपकप्तान सहित पूरी टीम ने भारत की शान बढ़ाई, परन्तु दुखद है कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने अब तक इनके लिए किसी सम्मान या पुरस्कार की घोषणा तक नहीं की।

प्रदेश की जनता यह प्रश्न पूछ रही है — जब हिमाचल की क्रिकेटर बेटी रेणुका को एक करोड़ रुपये का सम्मान मिल सकता है, तो वर्ल्ड कप जीताकर लौटी इन बहादुर बेटियों को समान सम्मान क्यों नहीं? आखिर यह भेदभाव किस आधार पर?

मैं स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि—
हिमाचल की कांग्रेस सरकार मात्र घोषणाओं और दिखावे में व्यस्त है। बेटियों को प्रोत्साहित करने की बात करने वाली यह सरकार व्यवहार में भेदभाव कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार खेल और खिलाड़ियों को लेकर निष्पक्ष नीति नहीं अपना पा रही है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी को बताना चाहिए कि:
• अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए स्वर्ण जीतकर लौटी बेटियाँ क्या किसी कम सम्मान की पात्र हैं?
• क्या केवल कुछ चुनिंदा नामों पर ही मेहरबान होना उनकी सरकार की नीति है?
• आखिर महिला खिलाड़ियों के साथ यह दोहरा रवैया क्यों?

कांग्रेस सरकार का ध्यान विकास से अधिक केवल नामकरण की राजनीति पर केंद्रित दिखता है। हर योजना, हर परियोजना — सब कुछ ही परिवार के नाम पर समर्पित करने की होड़ लगी रहती है। यही कारण है कि जनहित और खिलाड़ियों के हित की नीतियाँ पिछड़ रही हैं।

मैं यह मांग करता हूँ कि:
• कबड्डी वर्ल्ड कप जीतने वाली हिमाचल की सभी बेटियों को रेणुका के समान सम्मान और कम से कम 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार तत्काल घोषित किया जाए।
• खेल नीति में किसी भी प्रकार का भेदभाव समाप्त किया जाए।
• खिलाड़ियों को राजनीति के आधार पर नहीं, योग्यता और उपलब्धि के आधार पर सम्मान दिया जाए।

हिमाचल की बेटियाँ हमारा गौरव हैं।
उनके सम्मान में देरी, उनका अपमान है।

भारतीय जनता पार्टी खिलाड़ियों के साथ खड़ी है और कांग्रेस सरकार के इस अन्यायपूर्ण रवैये का कड़ा विरोध करती है।

— अरुष गुप्ता
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य (आईटी विभाग)
भारतीय जनता पार्टी, हिमाचल प्रदेश

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