अगर केंद्र सरकार प्रदेश की मदद ना करें तो प्रदेश सरकार सैलरी पेंशन भी नहीं दे पाएगी : कश्यप

  • कांग्रेस सरकार झूठ बोल रही है, केंद्र से हिमाचल को मिल रही है बड़ी मदद
  • मंदिरों का पैसा प्रदेश की योजनाओं पर खर्च करना चिंतनीय एवं दुखद।

शिमला, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि यह नारसाचनक है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की चौथी किस्त केंद्र से प्रदेश सरकार को आने वाली है और अभी तक कई कार्य ऐसे हैं जो की इस महत्वपूर्ण योजनाओं के चरण एक और दो के भी पूरे नहीं हुए है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के नारे को लेकर जो सरकार सत्ता में आई लेकिन सवा दो साल का समय बीत गया प्रदेश में एक भी गारंटी पूरी नहीं हो पाई, सारी फेल हो चुकी हैं। जो विकास कार्य प्रदेश में चले थे आज अवरुद्ध हैं, पूर्व सरकार के समय में जो काम शुरू किए गए थे आज वह भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं और निरंतर विकास के मामले में हिमाचल प्रदेश पिछड़ता जा रहा है।
कश्यप ने कहा कि विकास की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश आने वाले समय में बेहतर ढंग से कर सके केंद्र सरकार द्वारा जितनी भी योजनाएं हैं उनके लिए भरपूर बजट हिमाचल प्रदेश को दिया जा रहा है, हम आशा करते है कि आने वाले समय में उस बजट का भी सदुपयोग हो।
केंद्र ने एक अच्छा निर्णय लिया है कि जो पैसा केंद्र की योजनाओं का पहले ट्रेजरी में जाता था, अब सीधा योजनाओं के लिए आएगा और सीधा योजना के ऊपर ही खर्च किया जाएगा, मैं समझता हूं इससे भी योजनाओं को पूरा करने में निश्चित रूप से फायदा होगा। हिमाचल प्रदेश तो स्पेशल कैटेगरी स्टेट है जहां माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने 90:10 की रेशो में हिमाचल को रखा है और उसी प्रकार से हिमाचल प्रदेश को आर्थिक मदद भी मिल रही है।
उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार झूठा रोना रो रही है, आप ने आम बजट भी देखा होगा कि बहुत सारी स्कीमें केंद्र सरकार ने हिमाचल को दी है, हाल ही में शिमला संसदीय क्षेत्र की कुफरी चायल सड़क को 53 करोड़ रु सीआरएफ में प्राप्त हुए है। यह केंद्र साकार की दें है, भाजपा के चारों लोकसभा या राज्यसभा सांसदों ने निरंतर हिमाचल प्रदेश को लेकर केंद्र सरकार के समुख प्रदेश हित की बात को रखा हैं। केंद्र सरकार के द्वारा हिमाचल प्रदेश की भरपूर मदद की जा रही है, अन्यथा हिमाचल प्रदेश की तो यह हालात हैं कि कांग्रेस सरकार सैलरी और पेंशन देने की स्थिति में भी नहीं है। अगर केंद्र प्रदेश की मदद ना करें तो प्रदेश सरकार महीने के अंत में कर्मचारियों को तनख्वाह और पेंशनर को पेंशन देने में भी सक्षम नहीं है।
उन्होंने कहा कि मंदिरों का पैसा भी कांग्रेस सरकार अपनी योजनाओं के लिए खर्च कर रही है, मैं समझता हूं यह हिमाचल प्रदेश देव भूमि के लिए बहुत ही चिंतनीय एवं दुख का विषय है और इस प्रकार से पैसे को उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में भाजपा द्वारा सरकार पर आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार के पैसे को हिमाचल की विभिन्न योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और यह आरोप लगातार सिद्ध होता दिखाई दे रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *