जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के नव-गठित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की पहली बैठक: सहकारी बैंकिंग को मजबूत बनाने पर जोर, नाबार्ड निरीक्षण का समापन।

जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के नव-गठित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की पहली बैठक आज बैंक के बाईपास रोड स्थित मुख्य कार्यालय में उत्साहपूर्ण एवं उत्पादक वातावरण में बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह बैठक बैंक के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई, जिसमें बैंक की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, कुशल एवं सदस्य-केंद्रित बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में बैंक के प्रबंधन, नीतिगत निर्णयों तथा सहकारी क्षेत्र की चुनौतियों एवं अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जो बैंक को क्षेत्रीय आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।बैठक की औपचारिक शुरुआत बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सभी नवनियुक्त निदेशकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाकर की गई। इस शपथ ग्रहण समारोह में निदेशकों ने बैंक के संवैधानिक मूल्यों, सदस्यों के हितों की रक्षा तथा गोपनीय सूचनाओं के संरक्षण की प्रतिज्ञा की। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, बोर्ड सदस्यों ने बैंक के भावी कामकाज पर विस्तृत चर्चा आरंभ की। इस चर्चा में बैंक की दीर्घकालिक रणनीतियों, जैसे कि डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देना, ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल बनाना, जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सहकारी बैंकिंग के विस्तार पर जोर दिया गया। साथ ही, सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए नीतिगत दिशाओं पर भी गहन मंथन हुआ, जिसमें वित्तीय समावेशन, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप कार्यान्वयन तथा सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने जैसे बिंदुओं को प्रमुखता दी गई। बोर्ड ने संकल्प लिया कि बैंक न केवल वित्तीय संस्था के रूप में बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाले संगठन के रूप में भी अपनी भूमिका को निभाएगा।

इसी बैठक के क्रम में, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आयोजित बैंक का वैधानिक निरीक्षण, जो 27 अक्टूबर 2025 को आरंभ हुआ था, आज 17 नवंबर को सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। इस महत्वपूर्ण घटना को चिह्नित करने के लिए नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने बोर्ड के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया, निष्कर्षों तथा आगे की दिशा-निर्देशों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। नाबार्ड की इस टीम में डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) संजीव शर्मा, डिप्टी डेवलपमेंट मैनेजर (डीडीएम) अशोक चौहान, असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एजीएम) पारस राम तथा शुभ श्रीवास्तव शामिल रहे।

अधिकारियों ने बोर्ड सदस्यों को निरीक्षण की वर्तमान स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी प्रदान की, जिसमें बैंक की वित्तीय स्वास्थ्य, अनुपालन स्तर, ऑपरेशनल दक्षता तथा जोखिम मूल्यांकन जैसे पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इसके अतिरिक्त, आवश्यक अनुपालनों को पूरा करने के लिए सुझाए गए सुधारात्मक उपायों, जैसे कि आंतरिक नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करना, डेटा प्रबंधन को उन्नत बनाना तथा पर्यावरणीय जोखिमों का आकलन, पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निदेशकों ने नाबार्ड टीम के साथ सक्रिय संवाद स्थापित किया तथा निरीक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं, जैसे कि पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर), गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) प्रबंधन तथा डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुरक्षा, पर आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त किए। यह संवाद न केवल निरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाला था बल्कि बैंक को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने वाला भी सिद्ध हुआ। नाबार्ड अधिकारियों ने बैंक की प्रगति की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि वे निरंतर समर्थन प्रदान करेंगे।बैठक के समापन पर सभी निदेशकों ने एकमत से अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे पारदर्शिता, सुशासन तथा सदस्यों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए बैंक के सभी कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं जन-हितैषी बनाएंगे।

बोर्ड ने विशेष रूप से जोर दिया कि बैंक सदस्यों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नवीनतम तकनीकी नवाचारों को अपनाएगा तथा सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देगा। इस संदर्भ में, आगामी तिमाही में सदस्य जागरूकता कार्यक्रम, वित्तीय साक्षरता अभियान तथा सतत विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।बैठक में बैंक के प्रबंध निदेशक श्री पंकज सूद निदेशक उपस्थित रहे तथा बैंक के नवनियुक्त निदेशक श्री योगेश भारतीया, श्री विजय ठाकुर, श्री संजीव कौशल, श्री लाजकिशोर, श्री रोशन वर्मा तथा लक्ष्मी ठाकुर मौजूद रहे। बैठक की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने में बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, जो क्षेत्र के सहकारी आंदोलन का प्रमुख स्तंभ है, इस बैठक के माध्यम से अपने सदस्यों एवं हितधारकों को आश्वस्त करता है कि वह हमेशा उनकी सेवा एवं विकास के लिए कटिबद्ध रहेगा।

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