वैक्सीन लगाने से परहेज; 42 फीसदी ने नहीं लगाई तीसरी डोज, लाखों प्रीकॉशनरी डोज एक्सपायर
हिमाचल में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बावजूद भी लोग अब वैक्सीन लगाने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। अस्पतालों में पड़ी वैक्सीन की लाखों डोज 31 मार्च तक एक्सपायर हो गई हैं। ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश के पास वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। इसके कारण प्रदेश के अस्पतालों में वेक्सीन की डोज नहीं लग पा रही हैं, वहीं प्रदेश में कोरोना वायरस के मामलें फिर से बढऩे लगे हैं, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का देखते हुए हिमाचल सरकार से फिर कोरोना की वैक्सीन का आर्डर दिया है।
वैसे तो हिमाचल सरकार ने 10 लाख डोज उपलब्ध करवाने को कहा हैं, लेकिन अगर शार्ट एक्सपायरी वाली वैक्सीन भारत सरकार उपलब्ध करवाता हैं तो फिर 1 लाख डोज देने को कहा है। शॉर्ट एक्सपायरी डेट में वैक्सीन की वह डोज शामिल हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट नजदीक है। दरअसल प्रदेश में लोग अब कोरोना वायरस को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और न ही वैक्सीन की डोज लगाने में रूचि दिखा रहे हैं। हिमाचल जहां कोरोना की पहली और दूसरी डोज में सबसे पहले शत प्रतिशत आंकड़ा हासिल करने में देश में पहले स्थान पर था तो वहीं प्रदेश में प्रीकॉशनरी डोज अभी तक सिर्फ 42 प्रतिशत ही लग पाई है।
इसके कारण है कि लोग अस्पतालों में वैक्सीन की डोज लगाने नहीं आ रहे हैं। यही कारण है कि 31 मार्च तक प्रदेश में वैक्सीन की प्रीकॉशनरी डोज का करीब 70 प्रतिशत स्टॉक एक्सपायर हो गया। इनमें लाखों की संख्या में प्रीकॉशनरी डोज एक्सपायर हो गई हैं। प्रीकॉशनरी डोज के एक्सपायर होने के बाद हिमाचल प्रदेश स्वास्थय विभाग के पास अब वैक्सीन की डोज उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण प्रदेश के किसी भी अस्पताल में अब वैक्सीन की प्रीकॉशनरी डोज नहीं लग रही है,


