परवाणू में करोड़ों के सरकारी कार्यों में फर्जीवाड़ा, ठेकेदार सतीश बेरी गिरफ्तार

परवाणू में सरकारी कार्यों में कथित धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Vigilance & Anti-Corruption Bureau) दक्षिणी रेंज शिमला की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना परवाणू में FIR नंबर 24/2025 दिनांक 03 मार्च 2025 को दर्ज की गई थी। मामला IPC की धाराएं 420, 467, 468, 471, 120-B तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 08 के तहत पंजीकृत है।
शिकायतकर्ता रजा राम भारती, निवासी परवाणू, ने आरोप लगाया कि शहर निवासी सतीश बेरी स्वयं को समाजसेवी बताकर एक गिरोह के साथ मिलकर आरटीआई और कथित ब्लैकमेलिंग के जरिए सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाता था। आरोप है कि इस दबाव के माध्यम से अपने निजी स्वार्थ और अपने पुत्र को लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न सरकारी कार्य हासिल किए गए।
जांच में सामने आया कि सतीश बेरी बिजली विभाग का ठेकेदार है, जबकि उसका पुत्र नगर परिषद परवाणू में सिविल वर्क का ठेकेदार बताया गया है। आरोप है कि अधिकारियों को धमकाकर अपने और अपने पुत्र के लिए सरकारी कार्य प्राप्त किए गए। साथ ही शमशान घाट के समीप सेक्टर-4 स्थित हिमुडा फ्लैटों में बिजली की टेस्ट रिपोर्ट फर्जी तरीके से तैयार कर नगर परिषद को सौंपने और इसके बदले धनराशि वसूलने का भी आरोप है, जबकि वास्तविक वायरिंग कार्य किसी अन्य ठेकेदार द्वारा किया गया था।
अन्वेषण के दौरान नगर परिषद परवाणू से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में लेकर जांच की गई। रिकॉर्ड के अध्ययन में कार्य आवंटन के लिए तीन अनिवार्य कोटेशन कथित तौर पर फर्जी पाए गए, जिनके आधार पर 11 जून 2020 को टेंडर हासिल किया गया। उसी दिन 83 फ्लैटों की बिजली टेस्ट रिपोर्ट जमा करने और बिल प्रस्तुत करने की बात भी जांच में सामने आई।
दस्तावेजों की कूटरचना की पुष्टि होने पर IPC की धारा 467 भी जोड़ी गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 10 फरवरी 2026 को आरोपी सतीश बेरी (73 वर्ष), निवासी सेक्टर-5 परवाणू, को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है तथा उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।

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