मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बेबुनियाद आरोप हताश राजनीति का परिणाम : अरुष गुप्ता

शिमला, 29 सितम्बर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (आईटी विभाग) एवं आईटी प्रभारी, संगठनात्मक ज़िला महासू अरुष गुप्ता ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान कुछ राजनीतिक दलों की निराशा और हताशा का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को बदनाम करने का प्रयास इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कुछ दल चुनावी मैदान में जनता का विश्वास खो चुके हैं।
अरुष गुप्ता ने कहा कि ज्ञानेश कुमार का सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक अनुभव देश के सामने है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन, तीन तलाक कानून और राम जन्मभूमि से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक एवं विधायी कार्यों में उनकी भूमिका सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा रही है। ऐसे अधिकारी की निष्ठा और कार्यशैली पर बिना ठोस तथ्यों के प्रश्न उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में कदम उठाता है, तब कुछ राजनीतिक दल उसे भी राजनीतिक रंग देने का प्रयास करते हैं। अरुष गुप्ता ने आरोप लगाया कि जिन दलों ने वर्षों तक तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति की, वे आज चुनावी प्रक्रिया में सुधार के प्रयासों से असहज दिखाई दे रहे हैं।
अरुष गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर निराधार सवाल खड़े करना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं अपितु लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमज़ोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी हार और जनसमर्थन में कमी का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और वह तथ्यों तथा दुष्प्रचार में अंतर करना जानती है। लोकतंत्र की मज़बूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान आवश्यक है और भाजपा कार्यकर्ता ऐसी संस्थाओं को बदनाम करने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से उत्तर देते रहेंगे।
