फर्जी बीपीएल से बने टीचर नौकरी से निकाले

*फर्जी बीपीएल से बने टीचर नौकरी से निकाले, चंबा-शिमला जिला में सामने आए दो जाली सर्टिफिकेट के मामले*चंबा-शिमला जिला में सामने आए दो जाली सर्टिफिकेट के मामले, शिक्षा विभाग की कार्रवाईप्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत टीजीटी के पदों पर नौकरी के लिए अभ्यर्थियों ने पंचायत से बीपीएल के फर्जी प्रमाण पत्र बना लिए और नौकरी भी ले ली। अब संबंधित विभाग से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में असलियत सामने आने के बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने इन्हें नौकरी से निकाल दिया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के पास जब शिकायत आई, तो इस मामले पंचायती राज विभाग की ओर से पूरी जांच की गई। इसमें सामने आया है कि चंबा और शिमला में 2019 में टीजीटी की नौकरी के लिए पंचायत से फर्जी बीपीएल प्रमाण पत्र बनाए जिस पर अब शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए दोनों अभ्यर्थियों को नौकरी से निकाल दिया है। पंचायती राज विभाग से शिक्षा विभाग को इसकी रिपोर्ट मिली है, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है। इनमें से एक मामला शिमला जिला की धगोली पंचायत का है, जहां टीजीटी आट्र्स के पद पर नौकरी से अभ्यर्थी को हाथ धोना पड़ा है। इसमें एसमएसी टीचर का नॉन एंप्लॉयमेंट प्रमाण पत्र और ग्रांट इन एड वाले एसएमसी टीचर का एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। शिक्षा विभाग ने पाया है कि 2007 से 2019 परिवार को बीपीएल श्रेणी में रखा गया है।वहीं, परिवार के मुखिया की ओर से ये भी जानकारी सबमिट की गई है कि उनके परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी और गैर सरकारी नौकरी में नहीं है। ऐसे में हमीरपुर आयोग की ओर से जरनल बीपीएल श्रेणी की ओर से टीजीटी आट्र्स के पद पर मिली नौकरी को खत्म कर दिया है। वहीं, दूसरे मामले में चंबा जिला में टीजीटी मेडिकल की नौकरी से अभ्यर्थी को हाथ धोना पड़ा है। इसमें जांच में पाया गया है

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