राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता समेत अध्यापकों के आठ पद खाली
देवराज शर्मा,सिरमौर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता समेत अध्यापकों के आठ पद खाली पड़े हुए है। जिस कारण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बच्चों व अभिभावकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूल में प्रधानाचार्य, केमेस्ट्री,फिजिक्स, गणित, हिंदी , पीटीई व आई टी, लिपिक के प्रवक्ता वा अध्यापक न होने के कारण स्कूल में क्षेत्र के बच्चे प्रवेश नहीं पा रहे है जिस कारण क्षेत्र के छात्र छात्राओ को दर्जनों किलोमीटर की दूरी तय करके दूसरे स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।स्कूल में आने वाले छात्र छात्राओं को दूसरे स्कूलों में पलायन करना पड़ रहा है। गौर हो कि हिमाचल निर्माता डॉ यशवंत सिंह परमार ने भी इसी स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा शुरू की थी।परंतु दुर्भाग्य से आज भी यह स्कूल स्टाफ के लिए तरस रहा है। इस स्कूल मे पूर्व भाजपा सरकार द्वारा नॉन मेडिकल संकाय की कक्षाएं तो शुरू करवाई थी परंतु इस स्कूल में मात्र केमेस्ट्री की प्रवक्ता की ही न्युक्ति हुई थी जो भी अब पद खाली पड़ा हुआ है। स्टाफ पूरा ना होने के कारण स्कूल में बच्चे प्रवेश नहीं ले रहे हैं।स्कूल के आसपास के बच्चों को भी प्रवक्ताओं की कमी के कारण दस से बारह किलोमीटर दूरी तय करके स्कूल जाना पड़ रहा है।स्कूल के पीटीए प्रधान देवेंद्र सिंह,रमेश दत्त शर्मा, दिनेश शर्मा,दीपक,राजेंद्र दत्त,शमशेर सिंह ने बताया कि बसाहां स्कूल के आसपास के क्षेत्र के काफी बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में लाना बांका पंचायत, डिंगर किन्नर व नेहर स्वार पंचायत के गांव के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा स्कूल में नॉन मेडिकल की कक्षाएं चलाने का निर्णय तो जरूर लिया है। परन्तु स्टॉफ के बिना शिक्षा कैसे चलेगी।। स्टाफ की कमी के कारण बच्चों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस स्कूल ग्यारवी कक्षा की आर्ट सकाय में इस समय 18 छात्र-छात्राएं व 12वीं कक्षा में 18 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है
उन्होंने बताया कि स्कूल में तीन छात्र छात्राओं ने विज्ञान संकाय में प्रवेश लिया था परंतु स्टाफ ना होने के कारण उन्होंने दूसरे स्कूलों में प्रवेश लिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकार तुरंत ही बसाहां स्कूल में नॉन मेडिकल व अन्य पदों को शीघ्र भरें ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो सके। स्कूल के कार्यवाह प्रधानाचार्य भूपेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूल में नॉन मेडिकल व अन्य प्रवक्ताओं के पद खाली होने के कारण बच्चे प्रवेश नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर खाली पड़े प्रवक्ता व अध्यापकों की सूची उच्च शिक्षा अधिकारी व सरकार को भेजी जाती है।

