डी डब्ल्यू पी एस कंडाघाट ने मनाया हिमाचल दिवस और बैसाखी का पर्व

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल कंडाघाट में हिमाचल दिवस और बैसाखी के उपलक्ष्य पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल प्रधानाचार्या रूपाली साहा की अगुवाई में आयोजित हुए इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने बढ़ चढ कर भाग लिया। इस अवसर पर जूनियर विंग के विद्यार्थियों ने पारंपरिक हिमाचली परिधानों को पहन कर रैंप वॉक किया। हिमाचल के विविध भागों में प्रचलित परिधानों को पहन कर संगीत के साथ बच्चे बहुत सुंदर लग रहे थे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नाटी का विशेष आकर्षण रहा। नाटी की प्रस्तुति ने सभी को नाचने के लिए मजबूर कर दिया। विद्यालय के छात्रों ने इस अवसर पर अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम से बैसाखी पर पंजाब का प्रसिद्ध भांगड़ा ने खूब वाहवाही लूटी। सीनियर विंग के विद्यार्थियों ने हिमाचल के निर्माण और विकास यात्रा पर भाषण की प्रस्तुति दी। अपने उद्बोधन में प्रधानाचार्या रूपाली साहा ने कहा कि दशकों के संघर्ष और भारत की स्वतंत्रता के बाद, हिमाचल को मुख्य आयुक्त के प्रांत के रूप में 15 अप्रैल, 1948 को मान्यता दी ।

हर साल इस दिन हिमाचल दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन हिमाचल को भारत का एक प्रांत घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि हिमाचल दिवस या पूर्ण राज्यत्व दिवस की जब भी बात होती है तो राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार का जिक्र होना लाजिमी है। उनके बिना यह एकता संभव नहीं थी। उन्होंने नीतियां बनाईं और राज्य में विकास की दिशा में मदद की। प्रजामंडल आंदोलन और भूमि सुधारों में उनकी अहम भूमिका रही। इस आंदोलन में सामंती राज्यों का भारतीय संघ में एकीकरण शामिल है, जिसने पहले राज्य के लिए इस दिशा को आकार देने में उनकी मदद की थी। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष डीआर गुप्ता, समिति सदस्य प्रमोद कुमार और मुकेश कुमार ने सभी विद्यार्थियों को हिमाचल दिवस पर शुभकामनाएं दीं।

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