नगर पंचायत कंडाघाट की प्रिया गुप्ता — राष्ट्रीय मंच पर मिनिएचर पेंटिंग्स की धाक

मुम्बई। हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन की प्रिया गुप्ता ने अपनी अनूठी पहाड़ी लघु चित्रकला (Kangra Miniature Style) से राष्ट्रीय कला जगत में एक बार फिर धूम मचा दी है। मुम्बई स्थित जहाँगीर आर्ट गैलेरी में मंगलवार को शुरू हुई सात दिवसीय नेशनल मिनिएचर पेंटिंग्स एग्जीबिशन में उनकी राधा-कृष्ण, राग-रागनियां, दरबार, लक्ष्मी-विष्णु श्रृंखला और अलहदे पोट्रेट्स ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एग्जीबिशन का शुभारंभ लग्ज़मबर्ग के मानद वाणिज्यदूत जैसल दोशी और मानेक डावर द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में राजस्थान के जयपुर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से छह मशहूर कलाकारों की 45 से अधिक उत्कृष्ट कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। यह कला महोत्सव 3 नवंबर 2025 तक चलेगा।

प्रिया गुप्ता — हिमालयी कला की युवा धरोहर

कंडाघाट की यह युवा कलाकार हिमालय की तलहटी की समृद्ध चित्रकला विरासत को आधुनिक संवेदनाओं के साथ सशक्त रूप से आगे बढ़ा रही हैं।
शैक्षणिक उपलब्धियाँ
स्नातक — जे.एल.एन. राजकीय ललित कला महाविद्यालय, शिमला
मास्टर ऑफ फाइन आर्ट (2021) — हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, पहाड़ी लघु चित्रकला
दस साल से अधिक समय से कला साधना में रत प्रिया को भारत की सबसे होनहार युवा मिनिएचर कलाकारों में गिना जा रहा है।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभा
2023 में 30 वर्ष से कम आयु के कलाकारों हेतु लघु चित्रकला के राष्ट्रीय पुरस्कार ने उनकी लगन, तकनीकी निपुणता और पारंपरिक शैली को संजीदगी से साधने की क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
उनकी चर्चित और पुरस्कृत कृतियाँ —
“कुल्लवी युगल”
“आराध्या देवी आदि शक्ति”
इनमें प्रिया कालातीत परंपराओं को समकालीन भावबोध से जोड़ने की कला दिखाती हैं।
लगातार बड़े मंचों पर पहचान
प्रिया की कलाकृतियाँ
गेयटी थिएटर, शिमला
दिल्ली हाट, नई दिल्ली
और अब जहाँगीर आर्ट गैलेरी, मुम्बई
जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर कला प्रेमियों को आकर्षित कर चुकी हैं।
कंडाघाट से राष्ट्रीय पहचान तक…
प्रिया गुप्ता की कला न केवल पहाड़ी लघु चित्रकला की गौरवमयी परंपरा को पुनर्जीवित कर रही है, बल्कि इसे विश्व कला मंच तक पहुँचाने का सेतु भी बन रही है। उनकी इस उपलब्धि से सोलन और समूचे हिमाचल प्रदेश में हर्ष का माहौल है।

